Anmol Vachan,  Quotes

Anmol Vachan in Hindi for Life

Anmol Vachan

Anmol Vachan

मन के जिस दरवाज़े से “शक” अंदर प्रवेश करता है..
“प्यार” और “विश्वास” उसी दरवाज़े से बाहर निकल जाते है…!


किसी ने पूछा कि “उम्र” और “ज़िंदगी” में क्या फर्क है?
बहुत सुन्दर जवाब-
जो अपनों के बिना बीती वो “उम्र”
और जो अपनों के साथ बीती वो “ज़िंदगी”


कभी-कभी गुस्सा मुस्कुराहट से ज़्यादा खास होता है,
क्योंकि मुस्कुराहट तो सबके लिए होती है,
लेकिन गुस्सा सिर्फ उनके लिए होता है, जिन्हें हम खोना नहीं चाहते..!!


अगर व्यक्ति अपनी लगन के साथ कोई भी काम करता है,
तब उसे कभी हार का मुँह नहीं देखना पड़ता है!!


एक छोटी सी चींटी आपके पैर को काट सकती है,
पर आप उसके पैर को नहीं काट सकते,
इसलिए जीवन में किसी को छोटा मत समझें,
वह जो कर सकता है शायद आप ना कर पायें..!!


दान करने से रुपया जाता है “लक्ष्मी नहीं”
घड़ी बंद करने से घड़ी बंद होती है “समय नहीं”
झूठ छुपाने से झूठ छुपता नहीं “सच नहीं”!!


किसी ने पूछा – इस दुनिया में आपका कौन है ?
मैंने हंसकर कहा – “समय”
अगर वो सही, तो सब अपने वरना कोई नहीं…


Anmol Vachan

अकड़ शब्द में कोई मात्रा नहीं
पर ये अलग-अलग मात्रा में हर इंसान में मौजूद है..


अगर स्त्री इतनी अपवित्र है की मंदिर नहीं जा सकती,
तो नौ महीने उसकी कोख में पलकर जन्म लेने वाला
पुरुष कैसे पवित्र हो गया..?


जवाब तो हर बात का दिया जा सकता है मगर
जो रिश्तों की अहमियत न समझ पाया वो शब्दों को क्या समझेंगे..?


अगर ज़िन्दगी में सफल होना है तो
“पैसों” को जेब में रखना “दिमाग” में नहीं..


ज़िन्दगी को इतनी सस्ती भी मत बनाओ
की दो कौड़ी के लोग खेलकर चले जाये


कभी-कभी हम गलत नहीं होते,
बस हमारे पास वो शब्द नहीं होते
जो हमें सही साबित कर सके..


उस मनुष्य की ताकत का कोई मुकाबला नहीं कर सकता,
जिसके पास “सब्र” की ताकत है!!


Anmol Vachan

किसी भी मुद्दे को इतना अधिक ऐनालिसिस न करें कि
आपके दिमाग को पैरालिसिस हो जाए…
परमात्मा ने ज़िन्दगी जीने के लिए दी है,
पोस्टमार्टम करने के लिए नहीं..


दम तोड़ देती है “माँ-बाप” की ममता
जब बच्चे कहते है ‘तुमने किया ही क्या है हमारे लिए’


इतना मत बोलिये कि लोग आपके चुप होने का इंतज़ार करें,,,
बल्कि इतना बोल कर चुप हो जाइये की लोग आपके दोबारा बोलने का इंतज़ार करें….


जो व्यक्ति समझदार होता है, वो खुद गलती नहीं करता,,,
बल्कि दूसरों की गलतियों से ही सब कुछ सीख लेता है..!!


हमेशा मनुष्य को परछाई और आईने की तरह दोस्त बनाने चाहिये,
क्योंकि परछाई कभी साथ नहीं छोड़ती, औरआईना कभी झूठ नहीं बोलता!!


मधुर वाणी बोलना एक महँगा शौक है,
जो हर किसी के बस की बात नहीं!
अपने खराब मूड के समय बुरे शब्द न बोलें,
क्योंकि खराब मूड को बदलने के बहुत मौके मिलेंगें पर…
शब्दों को बदलने के नहीं !!


व्यक्ति का सम्मान उन शब्दों से नहीं जो उसकी उपस्थिति में कहे जाये,
अपितु उन शब्दों से है जो उसकी अनुपस्थिति में कहे जाये…


anmol vachan

दौलत नहीं, शौहरत नहीं,
न वाह वाह चाहिए…
कैसे हो..? बस दो लफ़्ज़ों की परवाह चाहिए…!!


कटी हुई टहनियाँ भी कहाँ छांव देती है,
हद से ज्‍यादा उम्‍मीदें हमेशा घाव ही देती है…


अगर वो आपको याद नहीं करते तो आप याद कर लीजियें,
रिश्‍ते निभाते वक्‍त मुकाबला नहीं किया जाता !!


चैन से जीने के लिए 4 रोटी और 2 कपड़े काफी है,
पर बेचैनी से जीने के लिए 4 गाड़ी और 2 बंगले भी कम है…


Anmol Vachan

वक़्त गूंगा नहीं,,, बस मौन है
वक़्त आने पर बता देता है… किसका कौन है…

Waqt goonga nahi,, bus maun hai
Waqt aane par bata deta hai… kiska kaun hai


माचिस किसी दूसरी चीज को जलाने से पहले खुद को जलाती हैं..!
“गुस्सा” भी एक माचिस की तरह है..!
यह दुसरो को बरबाद करने से पहले खुद को बरबाद करता है…


डर हमेशा आपको एक कैदी बना के रखेगा,
जबकि खुले विचार आपको एक बादशाह बना के रखेंगे…


हर दिन मेरा महत्त्वपूर्ण दिन है, अगर ये सोचकर हर व्यक्ति कार्य करे,
तो उसको जीवन में सफल होने से कोई नहीं रोक सकता…


Anmol Vachan

कड़वा सच
चार रिश्तेदार एक ही दिशा में तब चलते है,
जब पांचवा कंधे पर हो,,
पूरी ज़िन्दगी हम इसी बात में गुज़र देते है
कि लोग क्या कहेंगे?
और अंत में चार लोग यही कहते है..
कि “राम नाम सत्य है”


सबको गिला है, बहुत कम मिला है,
जरा सोचिए…
जितना आपको मिला है, उतना कितनों को मिला है…


ज़िन्दगी में मनुष्य के आँखे बन्द करने से कभी मुसीबत नहीं टला करती है,
बल्कि उस मुसीबत का सामना करने से मनुष्य की आँखे खुला करती हैं।


हर मनुष्य को ये याद रखना चाहिये, जब तक हम खुद पर विश्वास नही करेंगे,
तब तक हम अपना सम्मान नहीं कर सकते..!!


Anmol Vachan

तकलीफ़ खुद ही कम हो गयी,,
जब अपनों से उम्मीद कम हो गयी..

Takleef khud hi kam ho gyi,,
Jab apnon se ummeed kam ho gayi…


शब्दों की ताकत को कम मत आंकिये,,
क्योंकि छोटा सा “हाँ” और छोटा सा “ना” पूरी जिंदगी बदल देता है…


जो पानी से नहायेगा वो सिर्फ लिबास बदल सकता है,,
लेकिन जो पसीने से नहायेगा वो इतिहास बदल सकता है…


Anmol Vachan

छोटी सी ज़िन्दगी है
हर बात में खुश रहो,
कल किसने देखा है, बस
अपने आज में खुश रहो..

Chhoti si zindagi hai 
Har baat mein khush raho,
Kal kisne dekha hai, bas
Apne aaj mein khush raho.. 


पतझड़ हुए बिना पेड़ों पर पत्ते नहीं आते,,,
कठिनाई और संघर्ष सहे बिना
अच्छे दिन नहीं आते…

Patjhad hue bina pedon par patte nahin aate,,,
Kathinayi aur Sangharsh sahe bina 
achhe din nahin aate…


वक़्त वक़्त पर अपनी तारीफ
खुद ही कर लेनी चाहिए, क्योंकि…
बुराई करने के लिए दूसरे  खाली जो बैठे है…

Waqt Waqt par apni tarif
Khud hi kar leni chahiye, Kyonki…
Burai karne ke liye dusre khali jo baithe hai… 


किसी का सरल स्वभाव उसकी कमजोरी नहीं होती है
उसके संस्कार होते है

Kisi ka saral swabhav uski Kamjori nahin hoti hai
Uske sanskar hote hai.. 


‘शब्दों’ का और ‘सोच’ का ही अहम् किरदार होता है
कभी हम समझ नहीं पाते है -और कभी समझा नहीं पाते है..!

‘Shabdon’ ka aur ‘Soch’ ka hi aham kiradaar hota hai
Kabhi hum samjh nahin paate hai aur Kabhi samjha nahin paate hai..! 


इंसान की नाज़ायज़ कमाई का लाभ कोई भी उठा सकता है,
लेकिन उसके कर्मों का फल उसे स्वयं ही भुगतना पड़ता है 

Insaan ki najayaz kamayi ka laabh koi bhi utha sakta hai,
Lekin uske karmo ka phal use svayam hi bhugtna padta hai …


अगर किसी के दुःख में साथ खड़े नहीं हो सकते तो..
उपहास उड़ने का अधिकार भी नहीं मिलता…
बाकी समय परिवर्तनशील है… पछताओगे ये भी तय है..!

Agar kisi ke dukh mein sath khade nahin ho sakte to.. 
uphas udane ka adhikar bhi nahin milta… 
baki samay parivartanshil hai… Pachtaoge ye bhi tai hai..!

जिसकी आँखों पर अहंकार का पर्दा पड़ा हो,
उसे न तो दूसरों के गुण दिखाई देते है,
न ही अपने अवगुणों का पता चलता है !
Jiski ankho par ahankar ka parda pada ho,
Use na to dusro ke gun dihayi dete hai,
na hi apne avguno ka pata chalta hai !

दौलत से सुविधाएं मिलती है… सुख नहीं,,,
सुख मिलता है तो अपनों के प्यार से और
अपनों के साथ से अगर सुविधाओं से सुख
मिलते तो कोई पैसे वाला कभी दुखी नहीं होता..!!
Daulat se Suvidhaye milti hai.. Sukh nahin,,
Sukh milta hai apnon ke pyar se aur
apnon ke sath se agar suvidhaon se
Sukh milte to koi paise wala
kabhi dukhi nahin hota..!!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *