Krishna Janmashtami
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Krishna Janmashtami

जय श्री कृष्णा दोस्तों !
आज हम श्री कृष्ण भगवान के बारे में बताने जा रहे है. सारे युग समाप्त हो जायेंगे मगर उनका बखान पूरा न हो पायेगा। मतलब उनकी लीला का कोई अंत नहीं है।

श्री कृष्ण भगवान ने द्वापर युग के अंतिम चरण में भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को ठीक १२ बजे (मध्यरात्रि) में जन्म लिया। श्री कृष्ण भगवान विष्णु का अवतार है। कृष्ण भगवान ने गीता में भी कहा था –

यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत ।
अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्‌ ॥
अर्थात जब जब धरती पर पाप बढ़ा है, भगवान ने धरती पर पापियों का विनाश करने के लिए अवतार लिया है।

द्वापर युग में शूरसेन की पीढ़ी में वासुदेव और कुंती का जन्म हुआ था। कुंती तो पाण्डु की पत्नी बनी और वासुदेव जी का विवाह देवकी से समपन्न हुआ। विवाह के समय ही एक अवकाशवाणी हुई कि देवकी से जो आठवीं संतान होगी वो ही राजा कंस का वध करेगी। क्योंकि राजा कंस देवकी का चचेरा भाई था, वह बहुत अहंकारी और पापी था। उसने यह अवकाशवाणी सुन कर क्रोध में देवकी और वासुदेव को मरने के लिए तैयार हो गया।

वासुदेव जी ने कंस को समझाया कि तुमको देवकी से तो कोई डर नहीं है, तुमको तो देवकी की आठवीं संतान से भय है। तो जब आठवीं संतान होगी तो उसे मैं तुमको सौंप दूंगा, कंस ने यह बात मान ली। तभी वहां नारद मुनि आ गए और कंस को कहा कि, तुमको कैसे पता चलेगा कि आठवीं संतान कौन सी है। गिनती प्रथम से शुरू होगी या अंतिम से? इस बात को सुन कर कंस ने सभी संतानों को मारने का निर्णय लिया। इस प्रकार कंस ने अपने पाप का घड़ा और अथिक भर लिया। कंस ने देवकी जी और वासुदेव जी को कारागार में डाल दिया और जो भी संतान होती, उसे वह मारने लगा।

जब देवकी को सातवां गर्भाधान हुआ, तब भगवान ने अपनी योग माया से कह देवकी के गर्भ को कर्पण करके रोहिणी के गर्भ में पहुंचा दिया, और इस प्रकार बलराम जी का जन्म हुआ. जिसके बारे में कंस को पता नहीं चला। जब आठवें गर्भ की बारी आयी तो कंस ने कारागार में और कड़ा पहरा लगा दिया। भगवान की माया थी जब देवकी जी को आठवां गर्भ धारण हुआ तो उसी समय यशोदा का भी गर्भाधान हुआ और जब कृष्ण जी का जन्म हुआ तो भगवान जी की माया से सारे पहरेदार सो गए, सारे कारागार के ताले खुल गए, सारे बंधन कट गए (बेड़ियाँ टूट गयी) और चारों तरफ एक अलौकिक प्रकाश उत्पन्न हो गया।

आकाशवाणी हुई और वासुदेव जी को कहा – तुम इस इस पुत्र को लेकर अपने मित्र नन्दलाल जी के यहाँ जाओ और वहां यशोदा माता ने एक कन्या को जन्म दिया है, तुम उसको यहाँ ले आओ. वासुदेव जी ने एक टोकरी में कृष्णा जी को लेकर अपने सर पर उठाया और गोकुल में नन्द जी के घर की ओर चल दिए, बहुत तेज़ बारिश हो रही थी तब शेषनाग जी ने उन पर अपनी छाया कर दी, और जमुना जी को पार कर वासुदेव जी नन्द के यहाँ कृष्णा जी को छोड़ कर कन्या को ले आये.

जब कंस को पता चला कि बालक हो गया है, और जब वह कारागार में आये और देखा, यह तो कन्या है. वो परेशान हो गया और कंस ने उस कन्या को हाथ लगाया तो वो कन्या देवी के रूप में प्रकट हो गयी और बहुत प्रकाश छा गया। देवी ने कहा – तेरे काल का जन्म हो चुका है। यह सुनते ही कंस ने मथुरा में जन्में सारे बच्चों को मरवाने का हुक्म दे दिया। कंस ने तरह तरह के मायावी राक्षसों की भी मदद ली मगर वो कृष्णा जी का बाल भी बांका न कर सका. जब कृष्णा जी बड़े हो गए तो मथुरा आकर मलयुद्ध में कंस का वध किया।

 

इस जन्माष्टमी पर श्री कृष्ण आपके घर आये,
और माखन मिश्री के साथ आपके सारे दुःख और कष्ट भी ले जाये।
शुभ जन्माष्टमी


 

May the Natkhat Nandlal
always give you many reasons
to be Happy and You find peace
in Krishna consciousness.
Happy Krishna Janmashtami


 

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On the auspicious Birthday of Lord Krishna,
May the blessings of the almighty bring joy,
Prosperity and Happiness in your life
Happy KrishnaJanmashtmi


 

कृष्ण की महिमा, कृष्ण का प्यार,
कृष्ण में श्रद्धा, कृष्ण से संसार,
मुबारक हो आपको जन्माष्टमी का त्यौहार !!


 

कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनायें


 

Krishna Janmashtami

May Lord Krishna,
The symbol of Peace and Love…
Fill up your life..
with Joy & Prosperity
Happy Janmashtami


 

हो जिसके संग कन्हैया, उसकी डूबे कभी न नैया।
मँझदार भी क्या कर लेगा, जब साथ हो ऐसा खिवैया।
इनकी कृपा से ही चलता, हम जैसों का गुज़ारा।
ऐसा है श्याम हमारा, ये है हारे का सहारा।


 

जो चाह से मिलता है, उसे चाहत कहते है,
जो मांगने से मिलता है, उसे मन्नत कहते है,
जो बिना चाहे, बिना मांगे मिलता है,
उसे मेरे कान्हा की रेहमत कहते है।


 

पलकें झुके और नमन हो जाये,
मस्तक झुके और वंदन हो जाये,
ऐसी नज़र कहाँ से लाऊँ,
मेरे कन्हैया कि आपको याद करूँ
और आपके दर्शन हो जाये!


 

कन्हैया हमारे है दुलारे, वही है सबसे प्यारे,
माखन के लिए झगड़ है जाते,
गोपियां देख आकर्षित हो जाती,
लेकिन सबके है वो रखवाले,
तभी तो सभी के है दुलारे, वो बंसी वाले…


 

Sending across my prayer,
and good wishes to you
and your family on Janmashtami


 

मुरली मनोहर, ब्रज की धरोहर
वो नन्दलाल गोपाल है,
बंसी की धुन पर सब दुःख हरने वाला,
मुरली मनोहर आने वाला है
हैप्पी जन्माष्टमी


 

Janmashtami

The supreme Lord,
removes all obstacles,
in your way and…
and blesses you with
Happiness, Peace & Prosperity